भारत के संविधान के अनुसार भारत में संघीय व्यवस्था है, भारत लोकतांत्रिक देश है जिस में नयी दिल्ली में केन्द्र सरकार तथा विभिन्न राज्यों व केन्द्र शासित राज्यों के लिए राज्य सरकार है। इसीलिए, भारत में राष्ट्रीय व राज्य (क्षेत्रीय), राजनीतिक दलों का वर्गीकरण उनके क्षेत्र में उनके प्रभाव के अनुसार किया जाता है। भारत में बहु-दलीय पार्टी व्यवस्था है जिसमें छोटे क्षेत्रीय दल अधिक प्रबल हैं। राष्ट्रीय पार्टियां वे हैं जो चार या अधिक राज्यों में मान्यता प्राप्त हैं। उन्हें यह अधिकार भारत के चुनाव आयोग द्वारा दिया जाता है, जो विभिन्न राज्यों में समय समय पर चुनाव परिणामों की समीक्षा करता है। इस मान्यता की सहायता से राजनीतिक दल कुछ पहचानों पर अपनी स्थिति की अगली समीक्षा तक विशिष्ट दर्जे का दावा कर सकते हैं जैसे की पार्टी चिह्न। इलेक्शन कमीशन द्वारा पार्टियों को राष्ट्रीय पार्टी का मान्यता देने का प्रावधान संविधान में 1968 में जोड़ा गया। इसे 'दी इलेक्शन सिंबल(रिजर्वेशन एंड एलॉटमेंट) ऑर्डर, 1968' कहा जाता है।भारत में चुनावो में अनेको दल चुनाव लडते है, जिसमें कुछ दल प्रादेशिक दल कहे जाते है और कुछ दल राष्ट्रीय दल कहे जाते है । सभी दलो को राष्ट्रीय दल या पार्टी का दर्जा नही मिलता है अगर किसी दल या पार्टी को राष्ट्रीय दल/पार्टी का दर्जा पाना है तो उस दल या पार्टी को भारत के चुनाव आयोग द्वारा तय किये गये नियमो का पालन करना होता है और तय किये गये मानदंडो को प्राप्त करना होता है तब जाके कोइ भी पार्टी राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त कर सकती है । किसी भी पार्टी को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ प्रमुख शर्तों को पूरा करना होता है। अगर कोई भी पार्टी उन शर्तों को पूरा करती है तो इलेक्शन कमीशन (EC) उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देता है।
भारत में कितनी पार्टीयां है ?
भारत में पॉलिटिकल पार्टी को चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड कराना पड़ता है। भारत में कोई भी चुनाव लड़ सकता है और अपनी पॉलिटिकल पार्टी बना सकता है। भारत में कुल 2,858 पार्टियां हैं। इनकी 3 कैटेगरी है…1. गैर मान्यता प्राप्त पार्टी, 2. क्षेत्रीय पार्टी और 3. राष्ट्रीय पार्टी ।
गैर मान्यता प्राप्त पार्टीः ऐसी पार्टियां वो पार्टीयां होती है जो चुनाव आयोग में रजिस्टर्ड तो होती हैं, लेकिन इन्हें मान्यता नहीं मिली होती। क्योंकि या तो ये बहुत नई होती हैं या इन्होंने इतने वोट प्राप्त नहीं किए होते कि क्षेत्रीय पार्टी का दर्जा मिल सके। भारत में ऐसी करीब 2,796 पार्टियां हैं।
क्षेत्रीय पार्टी: जिन्हें चुनाव आयोग से राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा मिला है। भारत में ऐसी 35 पार्टियां हैं।
राष्ट्रीय पार्टी : जिन्हें चुनाव आयोग ने नेशनल पार्टी का दर्जा दिया है। भारत में ऐसी 6 पार्टियां हैं।
भारत में वर्तमान में करीब 35 पार्टीयां ऐसी है जो राज्य स्तर/ प्रादेशिक स्तर की मान्यता प्राप्त है। इसके साथ साथ कुल 6 पार्टीयां है जिनको राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है। जिन पार्टीओं को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा प्राप्त है वो है वो है भारतीय जनता पार्टी (भाजपा, BJP), भारतीय राष्ट्रीय कोंग्रेस (भाराको, Congress), बहुजन समाज पार्टी (बसपा, BSP), कोम्युनिस्ट पार्टी ओफ इंडिया (सीपीआइ (मार्क्सवादी), CPI (M), नेशनल पिपल्स पार्टी (एनपीपी, NPP), आम आदमी पार्टी (आप, AAP)। निर्वाचन आयोग ने सोमवार (10 अप्रैल) को आम आदमी पार्टी (आप) को राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा दिया. साथ ही तृणमूल कांग्रेस (TMC), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) का राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा वापस ले लिया है. आप (AAP) को चार राज्यों- दिल्ली, गोवा, पंजाब और गुजरात में उसके चुनावी प्रदर्शन के आधार पर राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिला है. चुनाव आयोग ने कहा एनसीपी और तृणमूल कांग्रेस को हाल में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में उनके प्रदर्शन के आधार पर क्रमशः नगालैंड और मेघालय में राज्य स्तर के दलों के रूप में मान्यता दी जाएगी. इसके अलावा उत्तर प्रदेश में रालोद, आंध्र प्रदेश में बीआरएस, मणिपुर में पीडीए, पुडुचेरी में पीएमके, पश्चिम बंगाल में आरएसपी और मिजोरम में एमपीसी को दिया गया राज्य स्तर की पार्टी का दर्जा भी खत्म कर दिया गया है.
राज्य स्तर या प्रादेशिक स्तर की पार्टी का दर्जा कैसे मिलता है
1. चुनाव आयोग के द्वारा मान्यता प्राप्त दल/पार्टी को प्रादेशिक (क्षेत्रीय दल) या स्टेट पार्टी का दर्जा प्राप्त करने के लिए आठ प्रतिशत वोटों की आवश्यकता होती है। संबंधित राज्य में लोकसभा या विधानसभा चुनाव में 8 प्रतिशत वोट पाने की आवश्यकता होती है।
2. यदि चुनाव आयोग के द्वारा मान्यता प्राप्त किसी दल/पार्टी को विधानसभा चुनाव में छह प्रतिशत वोट और दो सीटें मिलती है तो उसे प्रादेशिक पार्टी का दर्जा प्राप्त हो जाता है।
3. प्रादेशिक दल का दर्जा प्राप्त करने का एक और रास्ता भी है कि संबंधित राज्य में विधानसभा में कम से कम तीन सीटें मिल जाएं भले ही वोटों की हिस्सेदारी कुछ भी हो।
चुनाव आयोग के द्वारा राष्ट्रीय पार्टी के दर्जे के लिये क्या कुछ नियम और मानदंड तय किये है ?
राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा हासिल करने के लिए कुछ नियम और मापदंड चुनाव आयोग ने तय किये है और अगर कोई भी पार्टी इन नियमों का पालन करती है और तय किये गये मापदंड को पूरा करती है तो निर्वाचन आयोग उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा देता है। राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए कई प्रकार की शर्तें होती हैं। जिसमें से कम से कम एक शर्त को पूरा करना अनिवार्य होता है। राष्ट्रीय पार्टी बनने के लिए क्या-क्या शर्तें होती हैं,,,,,,,,
राष्ट्रीय पार्टी बनने की प्रमुख नियम........
- अगर किसी दल को 4 राज्यों में क्षेत्रीय दल का दर्जा प्राप्त है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
- अगर कोई दल 3 राज्यों को मिलाकर लोकसभा की 3 फीसदी सीटें जीतती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
- अगर कोई पार्टी 4 लोकसभा सीटों के अलावा लोकसभा चुनाव या विधानसभा चुनाव में 4 राज्यों में 6 फीसदी वोट हासिल करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी माना जाता है।
- अगर कोई भी पार्टी इन तीनों शर्तों में से किसी एक शर्त को पूरा करती है तो उसे राष्ट्रीय पार्टी का दर्जा मिल जाता है।
- राष्ट्रीय पार्टियां अपना सिंबल या चुनाव चिन्ह देश भर में सुरक्षित कर सकती हैं।
- राष्ट्रीय पार्टियां चुनाव प्रचार में अधिकतम 40 स्टार प्रचारक रख सकती हैं साथ ही इनके यात्रा खर्च को उम्मीदवार के चुनाव खर्च में नहीं रखा जाता है।
- राजधानी दिल्ली में राष्ट्रीय पार्टियों को सब्सिडी दर पर पार्टी अध्यक्ष और पार्टी कार्यालय के लिए एक सरकारी बंगला किराए पर मिलता है।
- आम चुनावों के दौरान राष्ट्रीय पार्टियों को आकाशवाणी पर प्रसारण के लिए ब्रॉडकास्ट और टेलीकास्ट बैंड्स मिलते हैं। यानी राष्ट्रीय पार्टियों को सरकारी चैनलों पर दिखाए जाने का समय तय होता है।
- राष्ट्रीय पार्टियों को नामांकन दाखिल करने के लिए केवल एक प्रस्तावक की जरूरत होती है। अन्य पार्टियों को 2 प्रस्तावक चाहिए। अनरिकग्नाइज्ड पार्टियों और निर्दलीयों को 5 प्रस्तावकों की जरूरत होती है।
- राष्ट्रीय पार्टियों को मतदाता सूची के दो सेट मुफ्त में दिए जाते हैं। साथ ही इनके उम्मीदवारों को आम चुनावों के दौरान एक प्रति मुफ्त मिलती है

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